गृह विज्ञान का क्षेत्र - Home science field

गृह विज्ञान का क्षेत्र पर टिप्पणी लिखिए।


गृह विज्ञान के विषय विस्तार की चर्चा "वर्तमान वैज्ञानिक युग में विकासशील समाज हेतु एक ऐसी ज्ञान की आवश्यकता है, जो स्वयं भी निरंतर गतिशील एवं भविष्यवादी हो। गृह विज्ञान एक ऐसा व्यापक विषय है जो मानव जीवन के प्रत्येक पक्ष से सम्बन्धित है।


वास्तव में गृह विज्ञान वह कला है जो परिवार को वैज्ञानिक ढंग से योजनाबद्ध रुप में संचालित करने हेतु आवश्यक है।"


किसी भी विज्ञान अथवा शास्त्र के व्यवस्थित तथा सम्पूर्ण अध्ययन के लिये उसके विषय विस्तार अथवा अध्ययन क्षेत्र का सही निर्धारण किया जाये। विषय-विस्तार के निर्धारण के पश्चात् सम्बन्धित विज्ञान का अध्ययन सरल हो जाता है।


गृह विज्ञान के अन्तर्गत प्रमुख रुप से निम्नलिखित विषयों का अध्ययन किया जाता है।


1. गृह प्रबन्ध अथवा गृह कला गृह के समस्त कार्य को उत्तम ढंग से करने तथा निश्चित साधनों के द्वारा अधिक से अधिक सुख-सुविधा प्राप्त करने में सफलता हासिल करने की कला ही गृह-प्रबन्ध है। परिवार की आय-व्यय का हिसाब, बजट बनाना आदि का अध्ययन किया जाता है। परिवार की आवश्यकताओं तथा उनके नियोजन का भी अध्ययन किया जाता है।


गृह कला में कला के सिद्धान्तों रंगों एवं डिजाइनों का संयोजन, गृह-सज्जा, फर्नीचर तथा सजावट के समानों का ज्ञान तथा उचित रख रखाव का अध्ययन किया जाता है।


2. आहार तथा पोषण विज्ञान आहार तथा पोषण विज्ञान भी एक विस्तृत क्षेत्र वाला विज्ञान है। इस विज्ञान के दो पक्ष है, पहला आहार तथा दूसरा पक्ष पोषण। इन दोनों पक्षों से सम्बन्धित विभिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता है। जिनमें मुख्य है आहार के कार्य, तत्व, पोषक तत्व, सन्तुलित आहार एवं आहार आयोजन भोजन संरक्षण पोषण की प्रक्रिया तथा आह्मर द्वारा रोगों का निदान ।


3. शरीर विज्ञान तथा स्वास्थ्य रक्षा इस विषय में शरीर की रचना, अंगो की बनावट, विभिन्न संस्थाओं की कार्य प्रणाली तथा महत्व आदि का अध्ययन किया जाता है। पाचन संस्थान, रक्त परिचालन संस्थान श्वसन उत्सर्जन आदि का अध्ययन किया जाता है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य की रक्षा के लिये आवश्यक नियमों का अध्ययन तथा रोगी से बचने के उपायों का भी अध्ययन किया जाता है।


4. प्राथमिक चिकित्सा तथा गृह परिचर्या डाक्टर के आने से पहले दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को जो आवश्यक सहायता एवं उपचार प्रदान किया जाता हो उसे प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता हैं गृह विज्ञान के अन्तर्गत प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धान्तों एवं उपायों का भी अध्ययन किया जाता है।


5. बाल विकास तथा पारिवारिक सम्बन्ध गृह विज्ञान में 'बाल विकास' तथा 'पारिवारिक सम्बन्धों का भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन किया जाता है। इस विषय के अन्तर्गत शिशु के जन्म से लेकर आगे के क्रमिक विकास का भी अध्ययन किया जाता है। शारीरिक भावात्मक भाषागत विकास सामाजिक विकास तथा बच्चों के मानसिक स्वास्थ का भी अध्ययन इस विषय के अन्तर्गत किया जाता है।


6. वस्त्र विभाग और परिधान वस्त्र विज्ञान के अन्तर्गत वस्त्र वाले प्राकृतिक कृत्रिम तन्तुओं का वस्त्र निर्माण की समस्त विधियों का वस्त्र की परिष्कृत तथा परिसज्जा का वस्त्रों के रख रखाव और संग्रह का तथा उचित प्रकार से धुलाई का व्यवस्थित तथा वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।


उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि गृह विज्ञान का अध्ययक्ष क्षेत्र पर्याप्त विस्तृत है तथा इसके अन्तर्गत विभिन्न भौतिक तथा सामाजिक विज्ञान के घर से सम्बन्धित तथ्यों का अध्ययन किया जाताहै। इस विज्ञान का प्रत्येक व्यक्ति के लिये विशेष महत्व है तथा गृहणियों के लिये अनिवार्य है।


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