गृह विज्ञान शिक्षण क्या है ? गृह विज्ञान शिक्षण के विविध विषय क्षेत्रों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
गृह विज्ञान का अर्थ एवं महत्व किसी भी विज्ञान का अध्ययन करने से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि उस विज्ञान अथवा शास्त्र का अर्थ समझ लिया जाये।
गृह विज्ञान के शाब्दिक अर्थ का विश्लेषण किया जाये तो यह कहा जा सकता है। गृह विज्ञान एवं व्यवस्थित अध्ययन है जो गृह अर्थात घर-परिवार से सम्बन्धित है। गृह अर्थात घर परिवार विभिन्न पक्ष होते है।
गृह विज्ञान के संकुचित अर्थ में यह गृह कार्य पाक क्रिया आदि से व्यवहारिक समस्याओं के विशिष्ट सन्दर्भ में आधारित विज्ञानों का अध्ययन है। "अपने अत्यधिक व्यापक अर्थ में गृह विज्ञान उन नियमों दशाओं सिद्धान्तों और आदतों का अध्ययन है जो एक ओर तो मानव से तत्कालिक भौतिक वातावरण से सम्बन्धित है तथा दूसरी ओर उसकी मानवीय प्रकृति से वास्तव में यह उन दोनों के मध्य सम्बन्ध का अध्ययन है।" गृह विज्ञान के अन्तर्गत मानवीय ज्ञान के क्षेत्र के उन सभी कारकों को सम्मिलित किया जाता है जो गृह विज्ञान के आराम और कुशलता को प्रभावित करते है। सामान्यतः गृह विज्ञान का अर्थ व्यक्तिगत रूप से परिवारों का जीवन-यापन है परन्तु सामूहिक जीवन में प्रयुक्त कारकों और सिद्धान्तों को गृह शास्त्र के क्षेत्र से निष्कासित नहीं किया जाता।
अतः गृह (घर) से सम्बन्धित ज्ञान ही गृह विज्ञान है।
गृह विज्ञान की परिभाषा ( Definition of Home Science )
1. 1902 में 'लेक प्लेसिड़ सम्मेलन' के अनुसार "अपने अत्यधिक व्यापक अर्थ में गृह अर्थशास्त्र उन नियमों दशाओं, सिद्धान्तों और आदर्शों का अध्ययन है जो एक ओर तो मानव के तत्कालिक भौतिक वातावरण से सम्बन्धित है, तथा दूसरी ओर उसकी मानवीय प्रकृति से। यथार्थ में यह इन दोनों ही कारणों के मध्य का अध्ययन है।"
2. शैरों के अनुसार - "गृह अर्थशास्त्र विषय सामग्री का वह अंग है, जिसका सम्बन्ध घर की समस्याओं और उनके अन्तः सम्बन्धों में प्राकृतिक तथा सामाजिक विज्ञानों एवं कलाओं के प्रयुक्तीकरण से है।"
3. लैण्ड ग्राण्ट कालेज एशोसिएशन के अनुसार "मानवीय ज्ञान के क्षेत्र के रूप में गृह अर्थशास्त्र के अन्तर्गत उन सभी कारकों को सम्मिलित किया जाता है जो कि गृह जीवन के आराम तथा कुशलता को प्रभावित करते है। सामान्यतः गृह जीवन का अर्थ व्यक्तिगत रूप से परिवारों का जीवनयापन है, परन्तु सामूहिक जीवन में प्रयुक्त कारकों तथा सिद्वान्तों को गृह अर्थशास्त्र के क्षेत्र से निष्कासित नहीं किया जाता ।"
4. गृह विज्ञान व सामाजिक विज्ञान है जो घर परिवार से सम्बन्धित सभी आवश्यकताओं एवं बोजनाओंका व्यवस्थित अध्ययन करता है तथा पारिवारिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करने के लिये बद्धान्तिक एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करता है।
उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है, घर से सम्बन्धित वैज्ञानिक ज्ञान ही गृह विज्ञान है। गृह विज्ञान का महत्व - गृह विज्ञान का महत्व निम्नलिखित है।
1. समय आदि की बचत में सहायक गृह विज्ञान में उन सब उपायों, ढंगों तथा विधियों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन किया जाता है जिसमें सभी कार्य धन, प्रयास व समय के दृष्टिकोण से मितव्ययी हो सके तथा जीवन को सुविधा जन्य बनाने हेतु सामान्य रुप से प्रयुक्त उपकरणों व यन्त्रों का उचित प्रयोग रख-रखाव इसके अन्तर्गत आता है।
2. स्वास्थ्य तथा शरीर सम्बन्धी ज्ञान अर्जित करना गृह विज्ञान में स्वास्थ्य के लिये लाभदायक आदों को अपनाने तथा हानिकारक आदतों को छोड़ने के लिये सुझाव तथा उपाए बताये जाते है इसके अतिरिक्त गृह विज्ञान में शरीर से सम्बन्धित बहुपक्षीय ज्ञान भी दिया जाता है या ज्ञान प्राप्त कर सकती है।
3. आहार सम्बन्धी ज्ञान अर्जित करना गृह विज्ञान के अन्तर्गत आहार के तत्वों विभिन्न भोज्य पदार्थों की उपयोगिता दृष्टिकोण से अध्ययन किया जाता है। आहार नियोजन के नियमों को जानकर तथा आहार संरक्षण एवं संग्रह की विधियों को समझाकर अनेक प्रकार की बचत की जा सकती है।
इस प्रकार के ज्ञान को प्राप्त करके कोई भी सृगृहिणी अपने परिवार के सभी सदस्यों के लिये सीमित आय में ही सन्तुलित आहार उपलब्ध कर सकती है।
4. मातृकला तथा शिशु कल्याण का ज्ञान लड़कियों के लिये मातृकला तथा शिशु कल्याण समुचित ज्ञान विशेष रूप से उपयोगी होता है। गृह विज्ञान के अन्तर्गत इस विषय से सम्बन्धित व्यवहारिक और वैज्ञानिक ज्ञान दिया जाता हैं इस ज्ञान को प्राप्त करके गृहिणियां गृहस्थी को समस्याओं तथा कठिनाइयों का विवेकपूर्ण ढंग से सामना कर लेती है।
5. क्रय-विक्रय तथा बचत का ज्ञान गृह विज्ञान बाजार से क्रय-विक्रय करने में ध्यान रखने योग्य बार्तो, उपभोक्ताओं के हितों का भी ज्ञान प्रदान करता है। इस ज्ञान के द्वारा गृहणियां बाजार से खरीदारी उत्तम ढंग से कर सकती है।
6. आर्थिक नियोजन सीखना गृह विज्ञान में प्रारम्भिक आर्थिक नियमों का भी अध्ययन किया जाता है। गृह विज्ञान में ही बजट बनाना तथा इसके अनुसार खर्च करना सिखाया जाता है।
7. प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान गृह विज्ञान के अन्तर्गत प्राथमिक चिकित्सा तथा गृह परिचर्या का सैद्धान्तिक तथा व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है। परिवार के किसी सदस्य के बीमार हो जाने पर उसकी परिचर्या की व्यवस्था कर सकती है।
8. व्यावसायिक महत्व शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्राओं के लिये गृह विज्ञान के अध्ययन का व्यवसायिक महत्व है। गृह-विज्ञान की शिक्षा प्राप्त छात्राओं के लिये विभिन्न व्यवसाय अपनाने के लिये अवसर उपलब्ध हो सकते है।
9. वस्त्रों को तैयार करना तथा रख-रखाव गृह विज्ञान के अन्तर्गत वस्त्रों की कढ़ाई-सिलाई तथा मरम्मत आदि का प्रयोगात्मक रूप में अध्ययन किया जाता है।
10. शारीरिक श्रम एवं सामाजिक कार्यों में रुचि: गृह विज्ञान के अन्तर्गत सैद्धान्तिक अध्ययन के साथ ही साथ प्रयोगात्मक कार्य भी किये जाते है। इस प्रकार के कार्यों को करने से छात्राओं में शारीरिक श्रम तथा सामाजिक कार्यों के प्रति भी रूचि उत्पन्न होती है।

