गृह विज्ञान शिक्षण में सहायक शिक्षण सामग्री की आवश्यकता ( Need for teaching aids in Home Science )
श्रव्य दृश्य सहायक सामग्री की आवश्यकता शिक्षा में ज्ञानेन्द्रियों पर आधारित ज्ञान ज्यादा स्थायी माना गया है। श्रव्य दृश्य सामग्री में भी ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता है। छात्रों में नवीन वस्तुओं के विषय में आकर्षण होता है। नवीन वस्तुओं के बारे में जानने की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है।
श्रव्य दृश्य सामग्री में नवीनता का प्रयत्न निहित रहता है, फलस्वरूप छात्र सरलता से नया ज्ञान प्राप्त करने में समर्थ होते हैं, श्रव्य दृश्य सामग्री छात्रों के ध्यान को केन्द्रित करती है तथा पाठ में रूचि उत्पन्न करती है- जिससे वे प्रेरित होकर नया ज्ञान प्राप्त करने के लिए लालायित हो जाते हैं। शिक्षा में छात्रों को सक्रिय रहकर ज्ञान प्राप्त करने के लिए लालायित हो जाते हैं।
शिक्षा में छात्रों को सक्रिय रहकर ज्ञान प्राप्त करना होता है। श्रव्य दृश्य सामाग्री छात्रों की मानसिक, भावना, संवेगात्मक सन्तुष्टि तथा मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए उन्हें शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। छात्रों को ज्ञान, सरल, सहज तथा बोधगम्य तभी महसूस होता है जब उनकी व्यक्तिगत विभिन्नताओं पर ध्यान देते हुए शिक्षा दी जाय।
श्रव्य दृश्य सामग्री बालकों को उनकी रूचि, योग्यताओं तथा क्षमताओं तथा रूझानों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होती है। ऐसे विषय तथा विचार जो मौखिक रूप से व्यक्त नहीं किए जा सकते, उनके लिए श्रव्य दृश्य सामग्री अत्यन्त उपयोगी एवं महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। इनकी सहायता से अनुदेशन तथा शिक्षण अधिक प्रभावशाली होता है। अतः शिक्षण कार्य को पूर्ण सफल बनाने के लिए श्रव्य दृश्य सहायक सामग्री अत्यन्त आवश्यक है।

