गृह विज्ञान शिक्षण हेतु प्रयोगशाला की विशेषता - Features of the laboratory for teaching home science
प्रयोगशाला की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
1. आत्मविश्वास व अनुशासन की भावना
प्रयोगशाला में छात्र सुचारू रूप से भाग लेते हैं एवं कार्य करते हैं। शिक्षक का दायित्व केवल मार्ग दर्शन होता है। स्वयं कार्य करने से उनमें आत्म-विश्वास की भावना दृढ़ होती है वह स्वयं निष्कर्षों का निरूपण करते हैं।
2. समय व श्रम की बचत
प्रयोगशाला का प्रारूप सुनियोजित होता है। इस कारण विभिन्न क्रियाओं से सम्बन्धित साधन एक स्थान पर उपलब्ध हो जाते हैं, जिसके फलस्वरूप किसी भी क्रिया के विभिन्न पक्षों के अध्ययन हेतु विभिन्न स्थानों पर जाने से बचा जा सकता है। इससे समय व श्रम की बचत होती है।
3. सामग्री व उपकरण रखने का स्थान
विज्ञान विषयों के अध्ययन व अध्यापन हेतु प्रयोग व परीक्षणों की आवश्यकता पड़ती है। इन प्रयोगों व परीक्षाओं के लिए अनेक प्रकार के उपकरणों, वस्तुओं और सामग्रियों की आवश्यकता पड़ती है। इस सामग्री और उपकरणों को रखने तथा छात्रों को व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण, परीक्षण और प्रयोग करने की सुविधा प्रदान करने हेतु प्रयोगशाला की आवश्यकता अनुभव की जाती है। यहां पर सभी प्रकार की सामग्री व उपकरण को सुरक्षित रखा जा सकता है।
4. सामाजिकता का विकास
प्रयोगशाला में बालक सामूहिक रूप से कार्यरत रहते हैं। अतः उनमें परस्पर सहयोग और स्वस्थ स्पर्धा की भावना बढ़ती है, जिसके फलस्वरूप सामाजिकता के गुणों का विकास होता है, जो भावी जीवन के समायोजन में अत्याधिक सहायक होते हैं ।
5. दृष्टिकोण और वैज्ञानिक बनाना
छात्रों में वैज्ञानिक ढंग से ज्ञान ग्रहण करने और उनके दृष्टिकोण को वैज्ञानिक बनाने में भी प्रयोगशाला सहायक है।
6. उपलब्धि की भावना प्रयोगशाला
वह स्थान है जहां छात्र स्वतंत्र रूप से निष्कर्ष निकाल सकते हैं। इससे उनमें उपलब्धि की भावना का निर्माण होता है।
7. उचित वातावरण
विज्ञानों के अध्ययन के लिए उचित वातावरण तैयार करने में प्रयोगशाला उचित वातावरण प्रदान करती है। जब छात्र विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक सामग्री एवं उपकरणों को देखते हैं तब उनके मन में जिज्ञासा उत्पन्न होती है। वे उनका प्रयोग करने तथा देखने में विशेष आनन्द प्राप्त करते हैं।

